रेलवे ज़ोन ने मनाया पर्यावरण दिवस, हरियाली और प्लास्टिक मुक्ति की ली शपथ महाप्रबंधक की अगुवाई में हज़ारों पौधे रोपे, स्टेशन परिसरों में दिखी हरियाली की नई पहल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जो परिचालन उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है, इस बार विश्व पर्यावरण दिवस पर एक प्रेरणादायी मिसाल बना। शहर की चिलचिलाती गर्मी के मुकाबले रेलवे कॉलोनियों की ठंडी और शुद्ध आबोहवा इस क्षेत्र की हरियाली का प्रमाण है, जिसे और बेहतर बनाने के लिए एक भव्य वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।वीओ: गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ज़ोन के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश की नेतृत्व में विशेष हरित पहल की शुरुआत की गई।

रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में करीब एक हज़ार पौधे लगाए गए। इस अभियान में रेलवे अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन और बच्चों ने मिलकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं बल्कि रोज़मर्रा की जिम्मेदारी है। इस वर्ष का केंद्रीय विषय सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार पर केंद्रित है, और रेलवे प्रशासन इसे पूरी गंभीरता से लागू करने में जुटा है। स्टेशन परिसर से लेकर रेलवे कार्यालय तक, प्लास्टिक मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की ठोस कोशिशें की जा रही हैं।एसईसीआर बिलासपुर जीएम ने कहा हमारा उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

रेलवे परिसर को प्लास्टिक मुक्त करना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए हर कर्मचारी और नागरिक की भागीदारी जरूरी है। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ रेलवे ज़ोन ने एक संगठित जागरूकता मुहिम भी शुरू की है। स्टेशन परिसर में सूचनात्मक पोस्टर, जागरूकता अभियान, उद्घोषणाएं और वैकल्पिक उपायों की मदद से आम यात्रियों को इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।जीएम ने कहा कि स्टेशन पर आने वाला हर व्यक्ति यदि प्लास्टिक का उपयोग कम करे तो एक बड़ा परिवर्तन संभव है। हम सिर्फ सिस्टम नहीं बदल रहे, आदतें बदल रहे हैं। यह पहल यहीं समाप्त नहीं होती। आने वाले दिनों में इस हरियाली और पर्यावरण संरक्षण अभियान को और विस्तार देने की योजना है। पौधारोपण, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन और स्थायी संसाधनों की ओर रेलवे का यह झुकाव यह दर्शाता है कि अब रेलवे सिर्फ यात्रियों को उनकी मंज़िल तक नहीं पहुंचा रहा, बल्कि एक हरित भविष्य की ओर भी अग्रसर है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
spot_img

Latest Articles