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Monday, March 30, 2026
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संजीवनी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर विनोद तिवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए इस नई सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

संजीवनी हॉस्पिटल शहर के संजीवनी हॉस्पिटल में डिजिटल रूप से उन्नत 24 घंटे सघन निगरानी वाले क्रिटिकल केयर समाधान का प्रबंध किया गया है।क्लाउड फिजिशियन सुविधा कंपनी ने देश के कई अस्पतालों में उपलब्ध कराई है। स्मार्ट आईसीयू सेवाएं स्थापित कर दिए जाने से भारतीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्रिटिकल केयर प्रबंधन की कमी के महत्वपूर्ण मुद्दे को हल किया गया है। अब मरीजों को गुणवत्तापूर्ण हेल्थ केयर प्रदान की जाएगी।

वेयर हाउस रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल में गुरुवार से संभाग की इकलौती नई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मरीज के लिए यहां एक स्मार्ट आईसीयू की स्थापना की गई है जिसमें 100 बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसमें 35 इंटेंसिव केयर बेड्स भी शामिल है। इस अस्पताल में इस बड़ी सुविधा के आ जाने से सामान्य और ग्रामीण आबादी को सेवा का बड़ा लाभ मिलेगा। अस्पताल की इस सुविधा का अतिथियों ने फीता हटाकर शुभारंभ किया। विशेषज्ञों ने इस संबंध में आए हुए अतिथियों को जानकारी दी कि किस तरह से स्मार्ट आईसीयू डॉक्टर के न रहने पर भी कितनी मदद करेगा। यहां लगे कैमरे बेंगलुरु में बैठे डॉक्टर को पल-पल की रिपोर्टिंग देंगे और जरूरी सलाह सुझाव भी वहां बैठे डॉक्टर उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अस्पताल प्रबंधन को अपनी बधाई देते हुए कहा कि इस सुविधा के आ जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।

संजीवनी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर विनोद तिवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए इस नई सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि एक से भले दो,इसका कमांड बेंगलुरु से होगा। भर्ती मरीजों का सक्सेस रेट कई गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां आयुष्मान कार्ड भी लागू रहेगा।

इस मौके पर डॉक्टर विनोद तिवारी ने इस खूबी के बारे में जानकारी दी कि पिछले 6 सालों में इससे देशभर में 80,000 से अधिक रोगियों को मदद मिली है।कई मूल्यवान जीवन भी बचाए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संजीवनी का लक्ष्य है कि यहां रोबोटिक पद्धति से भी इलाज संभव हो जिस दिशा में अस्पताल प्रबंधन आगे बढ़ रहा है
संजीवनी हॉस्पिटल शहर के संजीवनी हॉस्पिटल में डिजिटल रूप से उन्नत 24 घंटे सघन निगरानी वाले क्रिटिकल केयर समाधान का प्रबंध किया गया है।क्लाउड फिजिशियन सुविधा कंपनी ने देश के कई अस्पतालों में उपलब्ध कराई है। स्मार्ट आईसीयू सेवाएं स्थापित कर दिए जाने से भारतीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्रिटिकल केयर प्रबंधन की कमी के महत्वपूर्ण मुद्दे को हल किया गया है। अब मरीजों को गुणवत्तापूर्ण हेल्थ केयर प्रदान की जाएगी।

वेयर हाउस रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल में गुरुवार से संभाग की इकलौती नई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मरीज के लिए यहां एक स्मार्ट आईसीयू की स्थापना की गई है जिसमें 100 बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसमें 35 इंटेंसिव केयर बेड्स भी शामिल है। इस अस्पताल में इस बड़ी सुविधा के आ जाने से सामान्य और ग्रामीण आबादी को सेवा का बड़ा लाभ मिलेगा। अस्पताल की इस सुविधा का अतिथियों ने फीता हटाकर शुभारंभ किया। विशेषज्ञों ने इस संबंध में आए हुए अतिथियों को जानकारी दी कि किस तरह से स्मार्ट आईसीयू डॉक्टर के न रहने पर भी कितनी मदद करेगा। यहां लगे कैमरे बेंगलुरु में बैठे डॉक्टर को पल-पल की रिपोर्टिंग देंगे और जरूरी सलाह सुझाव भी वहां बैठे डॉक्टर उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अस्पताल प्रबंधन को अपनी बधाई देते हुए कहा कि इस सुविधा के आ जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।

संजीवनी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर विनोद तिवारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए इस नई सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि एक से भले दो,इसका कमांड बेंगलुरु से होगा। भर्ती मरीजों का सक्सेस रेट कई गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां आयुष्मान कार्ड भी लागू रहेगा।

इस मौके पर डॉक्टर विनोद तिवारी ने इस खूबी के बारे में जानकारी दी कि पिछले 6 सालों में इससे देशभर में 80,000 से अधिक रोगियों को मदद मिली है।कई मूल्यवान जीवन भी बचाए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संजीवनी का लक्ष्य है कि यहां रोबोटिक पद्धति से भी इलाज संभव हो जिस दिशा में अस्पताल प्रबंधन आगे बढ़ रहा है.

विनोद तिवारी के मुताबिक क्लाउड फिजिशियन की स्थापना डॉक्टर ध्रुव जोशी और डॉक्टर दिलीप रमन ने की थी। यह दोनों यू एस में प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर डॉक्टर और पल्मनोलॉजिस्ट है। इनका लक्ष्य भारत ही नहीं पूरे विश्व में भी क्रिटिकल केयर को फैलाना और उत्कृष्ट कार्यों के जरिए लोगों के अमूल्य जान की रक्षा करना है।

विनोद तिवारी के मुताबिक क्लाउड फिजिशियन की स्थापना डॉक्टर ध्रुव जोशी और डॉक्टर दिलीप रमन ने की थी। यह दोनों यू एस में प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर डॉक्टर और पल्मनोलॉजिस्ट है। इनका लक्ष्य भारत ही नहीं पूरे विश्व में भी क्रिटिकल केयर को फैलाना और उत्कृष्ट कार्यों के जरिए लोगों के अमूल्य जान की रक्षा करना है।

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