
बिलासपुर – बिलासपुर में एक बार फिर बदहाल सड़क ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। मानिकपुर से धूमा तक 6 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 18-20 सालों से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों ने कई बार आवेदन दिए, चक्काजाम और चुनाव बहिष्कार तक किया, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई। कलेक्टोरेट पहुंचे सरपंच,,सरपंच प्रतिनिधि और आक्रोशित गांव वालों का कहना है कि सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।हालात यह हैं कि इंसान तो दूर, जानवर भी इस सड़क पर चलने से कतराते हैं।आवागमन पूरी तरह बाधित है और स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान हैं।ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग से लेकर मंत्री तक को आवेदन दिया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।यहां तक चुनाव का भी बहिष्कार किया जा चुका है फिर भी समाधान नही हुआ।प्रशासन की अनदेखी ने ग्रामीणों की नाराजगी को और बढ़ा दिया है।गांव वालों का कहना है कि सड़क न बनने से 15 किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं।रोजाना बाजार जाने, बीमारों को अस्पताल ले जाने और छात्रों को स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्टर से मिलकर सड़क निर्माण की मांग रखी। उनका कहना है कि अगर 10 दिनों में सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो गांव के लोग उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।देखने वाली बात होगी कि आखिर कब ग्रामीणों को जर्जर बदहाल सड़क से निजात मिलेगी।क्या इस बार सरकार और प्रशासन सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहेगा या फिर जर्जर सड़क को सुधार कर लोगों को खासकर स्कूली बच्चों को राहत पहुंचाएगी।




