सरकारी टीका लगने के बाद दो माह की बच्ची की मौत, परिजनों का कलेक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा,दवा सप्लाई की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई…

बिलासपुर :- मंगला धुरिपारा इलाके में सरकारी टीका लगने के बाद दो माह की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र में एक साथ चार इंजेक्शन लगाने और दी गई दवा से बच्ची की तबीयत बिगड़ी। बच्ची की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर शव को लेकर ट्रैक्टर और ऑटो में बैठकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और दोषियों पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग की।मृत बच्ची की बुआ पुनीता मरावी ने बताया कि मंगलवार दोपहर को बच्ची को टीका लगवाने आंगनबाड़ी केंद्र ले जाया गया था।जन्म का टीका समेत एक साथ चार इंजेक्शन लगाए गए।इसके बाद से नवजात लगातार रोती रही। बुधवार सुबह केंद्र से दी गई दवा तीसरी बार पिलाने पर बच्ची ने दम तोड़ दिया।घटना की खबर मिलते ही मोहल्ले और आसपास के लोग परिजनों के साथ एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और कहा कि परिजनों, पड़ोसियों और आंगनबाड़ी स्टाफ के बयान दर्ज किए जाएंगे। आगे की कार्रवाई पीएम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दवाओं और टीकों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले नसबंदी कांड में भी दवाओं की सप्लाई को लेकर मौतों का मामला सामने आ चुका है। दवा सप्लाई करने वाली सीजीएमएससी कंपनी पर लगातार लापरवाही और घटिया दवाइयों के आरोप लगते रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी सप्लाई की दवाओं पर लगातार आरोप लगने से भरोसा कमजोर हो रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं ये सरकारी संस्थाओं और दवाओं से जनता का विश्वास खत्म करने और निजी अस्पतालों की ओर लोगों को आकर्षित करने की सोची-समझी साजिश तो नहीं।

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