
विकसित भारत अभियान की प्रेरणा के साथ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित छत्तीसगढ़ के लिए उद्यमिता” विषयक एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन बुधवार को किया सम्पन्न हुआ यह संगोष्ठी प्रदेश की युवा पीढ़ी को उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में प्रेरित करने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगी। आयोजन का उद्देश्य न केवल उद्यमिता के विविध आयामों पर विचार करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराएँ, संसाधन और मानवीय पूँजी किस प्रकार राज्य के सतत् और समावेशी विकास में योगदान दे सकती हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. आचार्य अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी, कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा की गई । मुख्य अतिथि के रूप में टंकराम वर्मा, मंत्री, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं जनशक्ति नियोजन, छ.ग. शासन उपस्थित रहे।

जिनकी उपस्थिति कार्यक्रम को बौद्धिक ऊर्जा, राजनीतिक दृष्टि और सामाजिक चेतना से समृद्ध करेगी। कुलपति द्वारा आज स्वदेशी भावनाओं को कुचले जाने के लिए किए का रहे षडयंत्रों के कुचलते हुवे युवाओं को उद्यमिता के लिए अपने हृदय पटल स्थान संरक्षित करने में जोर दिया। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा संगोष्ठी में विशेष रूप से निम्न विषयों पर विमर्श हुआ। जिसमें की स्टार्ट अप द्वारा संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देने की रणनीतियाँ भी सामने रखी गई

जिनमें ग्रामीण एवं जनजातीय अंचलों में उद्यमिता की संभावनाएँ, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता, स्वदेशी दृष्टिकोण और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास से जोड़ने की पहलआदि शामिल हैं यह संगोष्ठी शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, समाजशास्त्रियों, उद्यमियों तथा विद्यार्थियों के लिए एक साझा मंच होगी, जहाँ से छत्तीसगढ़ की आने वाली विकास-यात्रा की रूपरेखा और भी स्पष्ट होगी।


