
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टेट रिसोर्स सेंटर और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर में हुए करीब 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की CBI जांच के आदेश दिए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सिस्टमेटिक करप्शन का मामला है।आरटीआई दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि संस्थान केवल कागजों पर चल रहे थे। फर्जी कर्मचारियों की नियुक्तियां दिखाकर करोड़ों रुपये वेतन और उपकरण खरीद के नाम पर आहरित किए गए। वित्त विभाग की ऑडिट में 31 अनियमितताएं सामने आईं और 14 साल तक SRC का ऑडिट ही नहीं हुआयाचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके नाम पर भी वेतन निकाला गया, जबकि उन्हें कभी नियुक्त ही नहीं किया गया। शिकायत करने पर उन्हें धमकियां भी मिलीं। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार अपने उच्च अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक की जांच आधी-अधूरी रही है।याचिका में पूर्व मंत्री रेणुका सिंह, रिटायर्ड आईएएस विवेक ढांड, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल सहित कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह दस्तावेज जब्त कर निष्पक्ष जांच जल्द पूरी करे और दोषियों तक पहुंचे।


