
सिविल लाइन थाना में दर्ज मामले में मुख्य आरोपी हीरानंद भागवानी ने 29 सितंबर 2025 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। आरोपी ने पत्नी नायरा भागवानी और साथी मुरली लहेजा के साथ मिलकर लोगों को 40 दिन में पैसे डबल करने का झांसा देकर लगभग 2 करोड़ रुपये की ठगी की थी।पूर्व में ही नायरा भागवानी और मुरली लहेजा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हीरानंद भागवानी को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने ठगी करना स्वीकार किया और संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपे।पुलिस ने आरोपी की ठगी से खरीदी गई जमीन को नीलामी के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि दोषियों से अवैध लाभ वापस लिया जा सके।पूछताछ और दस्तावेजों की जाँच के बाद हीरानंद भागवानी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे भी गहन जांच जारी है और सभी फरार आरोपियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।


