
बिलासपुर शहर में बिजली व्यवस्था की लापरवाही अब गंभीर रूप ले चुकी है। आम नागरिक पहले से ही बिजली कटौती की मार झेल रहे थे, लेकिन अब पुलिसकर्मियों के परिवार भी इसी समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। ईदगाह चौक स्थित पुलिस पेट्रोल पंप के पास बने पुलिस क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों के घरों में लंबे समय से बिजली आपूर्ति की स्थिति दयनीय बनी हुई है। पुलिस क्वार्टरों के निवासियों ने बताया कि पिछले छह महीनों से रोजाना कई घंटों तक बिजली गायब रहती है। कभी अचानक दिन में करंट चला जाता है, तो कभी रात में अंधेरे में लोग परेशान होते हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक बार बिजली जाने के बाद वह पांच से छह घंटे तक वापस नहीं आती। इससे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का जीवन अस्तव्यस्त हो रहा है। क्वार्टरों में रह रही महिलाओं ने बताया कि हर शिकायत पर बिजली विभाग के कर्मचारियों की ओर से एक ही जवाब मिलता है – फॉल्ट खोज रहे हैं। लेकिन यह फॉल्ट कब तक खोजा जाएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लोगों का कहना है कि छह महीने से यही बहाना सुनकर वे अब तंग और निराश हो चुके हैं। पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, मगर अपने घरों में मूलभूत सुविधा यानी बिजली से वंचित हैं। परिवारों का कहना है कि बिजली की इस समस्या ने उनके जीवनयापन को प्रभावित कर दिया है। गर्मी, अंधेरे और असुविधा के कारण बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कार्यों तक सब पर असर पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग कब तक चुप रहता है या फिर स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।


