
नवरात्रि की समाप्ति के साथ अब शहर में जवारा विसर्जन और माता की विदाई का सिलसिला निरंतर जारी है। नौ दिनों तक माता की आराधना और उपासना करने के बाद भक्तजन अब श्रद्धा और भक्ति भाव से माता रानी को विदा कर रहे हैं। नवरात्र के दौरान घर-घर और मंदिरों में स्थापित जवारे अब विधि-विधान के साथ विसर्जित किए जा रहे हैं। भक्तजन माता की आराधना के प्रतीक जवारे को विसर्जन कर उनसे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।

शहर के तार बहार स्थित शीतला माता मंदिर में जवारा विसर्जन और माता विदाई का आयोजन बड़े ही भव्य और धार्मिक माहौल में संपन्न कराया गया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ रही। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में माता की आरती उतारी और कन्या पूजन के माध्यम से नवरात्र का समापन किया।

मंदिर में ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र में शीतला माता मंदिर में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में नई उमंग का संचार होता है। इसी भाव के साथ भक्तों ने माता को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः उसी श्रद्धा और आस्था के साथ मां के आगमन की कामना की।


