
सिविल लाइन क्षेत्र के तालापारा मोहल्ले में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध बढ़ गया है। निवासियों का कहना है कि तैयबा चौक स्थित भारत डेयरी के सामने खसरा नंबर 178, नं. 39 की भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है। आवेदकों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि इस जमीन को खाली कराकर यहां सरकारी दवाखाना और लाइब्रेरी स्थापित की जाए, जिससे आमजन और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य व शिक्षा की सुविधा मिल सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रहीम खान ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के इस भूमि पर मकान और दुकानें बना ली हैं। नागरिकों का कहना है कि यह जमीन व्यक्तिगत उपयोग के लिए नहीं, बल्कि जनहित के लिए है और इस पर सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए लाभदायक होगा।

इस मामले में स्थानीय निवासी हरीश नागदौने ने कहा कि यह बहुमूल्य शासकीय भूमि जनता की है और प्रशासन को तुरंत कब्जा हटाकर स्वास्थ्य केंद्र और लाइब्रेरी जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए ऐसी संस्थाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर रहीम खान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे वर्ष 1952 से यहां निवासरत हैं और नियमित रूप से टैक्स भी जमा करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी रंजिश के चलते उनके खिलाफ झूठा माहौल बनाया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विवादित भूमि को लेकर क्या कदम उठाता है और भविष्य में इसका उपयोग जनहित में होगा या नहीं।




