
शहंशाहे छत्तीसगढ़ बाबा सैय्यद इंसान अली शाह का उर्स का तीसरा दिन परचम कुशाई के पवित्र अंदाज में शुरू हुआ। दरगाह शरीफ को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया, शाही नूरानी मस्जिद और गुंबद की लाइटिंग ने पूरे प्रांगण को रौशन कर दिया। भक्तों ने अदब और श्रद्धा के साथ बाबा के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त की।रात 9 बजे कव्वाली महफिल सिमाअ का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के टीवी और रेडियो ऑडियो सिंगर मुज़तबा अज़ीज़ नाजा और राजस्थान के सूफ़ी ब्रदर्स दिलशाद इरशाद साबरी ने अपने कलाम से उपस्थित जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भोर तक जायरिन झूमते रहे। राज्य वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज़ और जिले के कई विधायक भी कार्यक्रम में शामिल रहे।उर्स के दौरान जायरिनों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा गया। पूरे प्रांगण में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्था का उत्कृष्ट प्रबंध किया गया। भक्तों ने पवित्र स्थल का दौरा आराम और श्रद्धा के साथ किया। लाखों जायरिनों ने बाबा का शुद्ध शाकाहारी लंगर ग्रहण किया, जिसे चांद खान, मोहम्मद बिलाल खान, ताज सिद्दीकी और फिरोज खान सहित जिम्मेदारों ने दिन-रात मेहनत कर सेवा में लगाया।

इंतजामिया कमेटी ने सुरक्षा, खानपान, साफ-सफाई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सटीक प्रबंधन किया। श्रद्धालुओं का उत्साह, कलाकारों का समर्पण और भक्तों की श्रद्धा मिलकर उर्स के पवित्र माहौल को और भी यादगार और मार्मिक बना दिया। बाबा सैय्यद इंसान अली शाह के प्रति यह उत्सव आध्यात्मिक आनंद, सेवा भाव और भाईचारे की भावना का प्रतीक बन गया।


