
बिलासपुर में नकली पनीर का कारोबार बेखौफ चल रहा है। बाजारों और ढाबों में सस्ते दामों पर बिक रहे पनीर में रबर जैसी बनावट, पीलापन और तेज़ तेलीय गंध पाई गई है। कई स्थानों पर बाइक से थोक में नकली पनीर सप्लाई किए जाने के वीडियो सामने आए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दुकानें और ढाबे सस्ता पनीर तो बेच रहे हैं, लेकिन इसके स्रोत छिपाए जा रहे हैं।जांच में सामने आया कि राजकिशोर नगर, चिंगराजपारा और सिरगिट्टी इलाके में चल रही छोटी-छोटी यूनिटों में पाउडर, सोया और केमिकल मिलाकर सस्ता पनीर तैयार किया जा रहा है। यही नकली माल कोचियों के जरिए शहर के होटलों और बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है।

इस अवैध कारोबार से न सिर्फ असली डेयरी व्यवसाय को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे पनीर में इस्तेमाल हो रहे रसायन पाचन तंत्र, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नियमित सेवन से फूड-पॉइज़निंग और अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है।लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं और फूड विभाग केवल कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है।

इसी पर सिम्स के डीन रमणेश मूर्ति ने चिंता जताते हुए कहा कि मिलावटी खान-पान से लोगों को गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे उत्पादों से दूर रहना चाहिए।उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अवैध डेयरी यूनिटों पर तुरंत छापेमारी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की सेहत के साथ हो रहा यह खिलवाड़ रोका जा सके।


