
गोवर्धन पूजा पर इस्कॉन बिलासपुर में भव्य अन्नकूट उत्सव, दो हजार भक्तों ने ग्रहण किया प्रसादभक्ति, भजन और सेवा के भाव से सजा गिरिराज पर्वत, 56 घरों से 56 भोग चढ़ाया गया वहीं वेंकटेश मंदिर में भी गोवर्धन पूजा और अनुकूट का प्रसाद भक्तों ने ग्रहण किया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बाल्यकाल में इंद्र का एकाधिकार समाप्त करते हुए प्रकृति की पूजा और सामूहिकता के संदेश के प्रतीक रूप में शुरू की गई अन्नकूट परंपरा को इस्कॉन बिलासपुर की मंडली ने पूरे भक्तिभाव से जीवंत किया।

इस अवसर पर भव्य गिरिराज पर्वत का निर्माण कर 56 घरों से श्रद्धापूर्वक तैयार किए गए 56 भोग भगवान को अर्पित किए गए।गिरिराज पर्वत की परिक्रमा, हरि भजन, संकीर्तन और आरती के पश्चात लगभग दो हजार से अधिक भक्तों ने अन्नकूट प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में समानता, प्रेम और एकता का संदेश देना रहा, जैसा कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पूजा के समय दिया था।

सदर बाजार स्थित सिम्स के सामने वेंकटेश मंदिर में भी गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान भक्तों ने उत्साहपूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान को अन्नकूट भोग लगाया और प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रवचन भी हुआ, जिसमें बताया गया कि यह पर्व केवल पूजा का नहीं, बल्कि प्रकृति और मानवता के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।


