
बिलासपुर – धान खरीदी शुरू होने से ठीक पहले जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शुक्रवार को शहर मे जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव किया और शासन के खिलाफ नारेबाजी की।

कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से वेतनमान, पदोन्नति और अन्य सुविधाओं से संबंधित मांगे लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र करेंगे।

जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ बिलासपुर के अध्यक्ष कमलकांत पटनवार ने बताया कि यह आंदोलन चार चरणों में किया जा रहा है।

पहले चरण में जिला स्तर पर प्रदर्शन किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को संभाग स्तरीय आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी शासन ने मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो तीसरे चरण में प्रदेश स्तर पर विरोध किया जाएगा। अंतिम चरण में 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है।

कर्मचारी संघ के इस आंदोलन से धान खरीदी प्रक्रिया पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हर साल की तरह इस बार भी नवंबर के पहले सप्ताह से खरीदी शुरू होनी है, लेकिन यदि कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो किसानों और शासन—दोनों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।


