जवाली नाले किनारे 44 निर्माण ढहे, निगम की बड़ी कार्रवाई, विरोध और राजनीति के बीच चला बुलडोज़र, कुछ निर्माण पर कोर्ट का स्टे

नगर निगम बिलासपुर के द्वारा शनिवार को तेलीपारा से जूना बिलासपुर को जोड़ने वाली जवाली नाले के अगल-बगल अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की इस दौरान यहां कुछ समय के लिए हो हंगामे की स्थिति बनी लेकिन बाद में सभी ने नगर निगम का समर्थन कर दिया इस दौरान पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम का अमला पूरे समय मौजूद रहा। नगर निगम ने शनिवार को जवाली नाले के किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

निगम की टीम ने सुबह से ही बुलडोज़र चलाकर करीब 44 अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। इनमें बाउंड्री वॉल, बिल्डिंग और अस्थायी निर्माण शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी ने नाले के किनारे नियम विरुद्ध तरीके से निर्माण कर रखा था।नगर निगम की कार्रवाई के दौरान शुरू में हंगामा और विरोध के हालात बने, लेकिन बाद में लोगों ने खुद अपने सामान हटाते हुए निगम का सहयोग किया। वहीं, कुछ मकान और दुकानें ऐसी भी थीं जिन पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा सकी, क्योंकि उनके मालिकों ने कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया है।

निगम अधिकारियों के अनुसार, नाले के दोनों किनारों पर किसी भी तरह का व्यावसायिक निर्माण प्रतिबंधित है। अब यहां लगभग 40 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, ताकि आवागमन सुगम हो सके। हालांकि, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि निगम ने उन्हें सीमांकन रिपोर्ट नहीं दी और उनकी रजिस्ट्री जमीन को नुज़ूल भूमि बताकर तोड़फोड़ कर दी गई।

वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक रंग देते हुए कहा कि कार्रवाई “चुनिंदा लोगों” पर की जा रही है और इसका विरोध किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निगम पहले ही अवैध निर्माण पर रोक लगाता तो आज तोड़फोड़ की नौबत नहीं आती। अधिकारियों की लापरवाही और ढिलाई ही अब इस स्थिति की जिम्मेदार मानी जा रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
spot_img

Latest Articles