
बुधवार को गोपाष्टमी का पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। शहर की गौशालाओं में इस दिन को ‘धूप’ नाम से मनाया गया, जहां सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर गायों की पूजा-अर्चना करते नजर आए। गौमाता को फूल-माला से सजाया गया और उन्हें विशेष भोग अर्पित किया गया।

गौ सेवा धाम गौशाला में इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने पारंपरिक परिधान में भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। साथ ही 56 भोग और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।धार्मिक मान्यता के अनुसार, गोपाष्टमी का विशेष महत्व है।

कहा जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पहली बार गाय चराने की शुरुआत की थी। तभी से प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है।इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गौसेवा का संकल्प लिया और पर्यावरण संरक्षण एवं गौपालन के संदेश के साथ पर्व का समापन हुआ।


