
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र अर्सलन अंसारी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को मृतक छात्र को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करीब दो घंटों तक जारी रहा, जिसमें छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और जल्द कार्रवाई की मांग की।

अर्सलन अंसारी 21 अक्टूबर से हॉस्टल से लापता था, लेकिन हैरानी की बात है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिला। 23 अक्टूबर को छात्र का शव विश्वविद्यालय कैंपस के ही तालाब में मिला। शव मिलने के बावजूद गुमशुदगी का मामला 24 अक्टूबर को दर्ज किया गया, जिससे प्रबंधन और पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

छात्र संगठन का आरोप है कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता तो अर्सलन की जान बचाई जा सकती थी। वहीं घटना की जांच में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और परिसर में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में जांच जारी रहने की बात कही है, जबकि छात्रों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


