
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर संत नामदेव जयंती गोडपारा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नामदेव समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर संत नामदेव जी का स्मरण किया और उनके उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत समाज भवन में हवन-पूजन के साथ हुई, जहां समाज के वरिष्ठजनों और महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर समाज में शांति और एकता की कामना की।इसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में शामिल समाजजनों ने संत नामदेव जी की जयघोष के साथ भक्ति गीत गाए और मार्ग में लोगों को संतों के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। शहरवासियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत कर समाज की इस परंपरा का सम्मान किया। शोभायात्रा पुनः समाज भवन पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।संत नामदेव जी का जन्म कार्तिक शुक्ल एकादशी, वर्ष 1270 में महाराष्ट्र के सातारा जिले के नरसी बामनी गांव में हुआ था। उनके पिता दामाशेटी और माता गोणाई देवी भगवान विठ्ठल के परम भक्त थे। संत नामदेव को संत काव्य परंपरा का महान कवि और भक्ति आंदोलन का अग्रदूत माना जाता है। कहा जाता है कि वे भक्त कबीर से भी 130 वर्ष पूर्व जन्मे थे। उनके जीवन से प्रेरित होकर समाज ने कार्यक्रम के दौरान एकता, भक्ति और मानव सेवा के संदेश को पुनः दोहराया।


