Homeहमर बिलासपुरगौरा-गौरी शोभायात्रा से गूंजा लालखदान-महमंद क्षेत्र,निषाद एवं केंवट समाज ने परंपरा को...

गौरा-गौरी शोभायात्रा से गूंजा लालखदान-महमंद क्षेत्र,निषाद एवं केंवट समाज ने परंपरा को जीवंत रख दिखाया छत्तीसगढ़ी संस्कृति का गौरव

लालखदान एवं महमंद क्षेत्र में निषाद और केंवट समाज के संयुक्त आयोजन में रविवार को भव्य गौरा-गौरी शोभायात्रा निकाली गई। बीते दो वर्षों से लगातार जारी यह परंपरा अब लोगों की आस्था का प्रतीक बन चुकी है। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की भीड़ और उल्लास ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।शोभायात्रा की शुरुआत पारंपरिक छत्तीसगढ़ी ढोल, मंजीरा और नृत्य के साथ हुई। देवी-देवताओं की झांकी, कलश यात्रा और सजी हुई पालकी ने लोगों का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने घर-घर दीप जलाकर गौरा-गौरी का स्वागत किया और क्षेत्र में समरसता एवं खुशहाली की कामना की। शोभायात्रा पूरे लालखदान क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद शीतला माता मंदिर परिसर में समापन एवं विसर्जन के साथ संपन्न हुई।श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन निषाद और केंवट समाज की एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गया है। माता गौरा-गौरी की यह परंपरा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को जोड़ने का माध्यम है। आयोजकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इसे और बड़े स्तर पर मनाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी भी छत्तीसगढ़ी परंपरा से जुड़ सके।स्थानीय पंडितों और श्रद्धालुओं ने कहा कि इस आयोजन से गांव में भक्ति, एकता और सहयोग की भावना मजबूत हुई है। लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे समाज और संस्कृति के उत्थान के लिए मिलजुलकर कार्य करेंगे। पूरे दिन चली शोभायात्रा के दौरान भजन, कीर्तन और देवी गीतों की गूंज से लालखदान-महमंद क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments