
बिलासपुर। शहर में हवाई सेवा की बढ़ोतरी और महानगरों तक सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग को लेकर पिछले छह सालों से आंदोलन जारी है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय संगठनों ने बार-बार सरकार से मांग की, लेकिन बिलासपुर को हवाई सेवा के पैकेज में शामिल नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में हुए छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान भी बिलासपुर एयरपोर्ट को लेकर कोई घोषणा नहीं होने से स्थानीय नागरिकों और जनसंघर्ष समितियों में नाराजगी है। इसी के चलते अब आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए रायपुर और दिल्ली में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 साल बाद भी विकास की रोशनी मुख्यतः रायपुर, दुर्ग और भिलाई तक ही सीमित है। राज्य के अन्य हिस्सों, विशेषकर बिलासपुर में अब तक वह गति नहीं मिल सकी है जिसकी उम्मीद थी। बिलासपुर जैसे प्रमुख शहर में सर्वसुविधा युक्त एयरपोर्ट की मांग लंबे समय से की जा रही है। जनसंघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि बिलासपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, फिर भी यहां की हवाई सुविधा सीमित है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हवाई सेवा का विस्तार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस बार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।


