
बिलासपुर जंक्शन पर एक दर्दनाक घटना टल गई, जब पत्नी की मारपीट और गालियों से परेशान एक व्यक्ति आत्महत्या करने ट्रेन के सामने पहुंच गया। मौके पर मौजूद जीआरपी की टीम ने सूझबूझ और तत्परता से उसकी जान बचा ली। यह घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की है, जहां कुछ सेकंड की देरी भी उसकी ज़िंदगी छीन सकती थी।सरकंडा निवासी 50 वर्षीय कपिल सिंह राजपूत अपनी पत्नी से झगड़े के बाद घर छोड़कर स्टेशन आ गया था। बताया जा रहा है कि वह ट्रेन की पटरियों के बीच जाकर बैठ गया था, तभी ड्यूटी पर तैनात जीआरपी स्टाफ ने उसे देखकर तुरंत खींचकर बाहर निकाला।थाने लाकर जब जीआरपी ने उससे बात की तो कपिल ने रोते हुए बताया कि पत्नी की लगातार मारपीट और गाली-गलौज से वह टूट चुका था और मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं देख रहा था। जीआरपी जवानों ने उसे समझाया, सांत्वना दी और उसके परिवार को सूचना दी।जीआरपी प्रभारी विश्वनाथ साहू ने बताया कि कपिल को आत्महत्या से रोका गया है और अब उसकी काउंसलिंग की जा रही है। इंसानियत की यह मिसाल बताती है कि एक पल की सतर्कता कैसे एक ज़िंदगी को हमेशा के अंधेरे से लौटा सकती है।


