
बिलासपुर रेल हादसे के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी जीएम कार्यालय पहुंचकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश प्रकट किया। बंद गेट के बावजूद कांग्रेसी नेता गेट पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। भीड़ बढ़ने और अधिकारियों के बाहर न आने पर कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और जीएम ऑफिस के सामने की प्रमुख सड़क पर ही जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। पूरे इलाके में प्रदर्शन के स्वर तेज़ होते चले गए।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दस दिन पहले हुए हादसे में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, 20 से अधिक घायल हैं, लेकिन रेलवे ने न जांच रिपोर्ट दी, न किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस लापरवाही और संवेदनहीनता ने हादसे के घावों को और गहरा कर दिया है।

इसी गुस्से की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम करते हुए मांग की कि अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात सुनें।काफी देर बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एसडीजीएम समीर कांत माथुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, आश्वासन तो दिया गया, पर रेलवे की तरफ से संवेदनशीलता का भाव आज भी नहीं दिखा।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मीडिया ने एसडीजीएम समीर कांत माथुर से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो वे बिना कुछ बोले मौके से निकल गए। कांग्रेस नेताओं ने इसे रेलवे की पूर्ण संवेदनहीनता बताया और कहा कि अगर इसी तरह की चुप्पी बनी रही, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा होगा।


