
बिलासपुर पुलिस मैदान में जनजाति गौरव दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आदिवासी समाज की भारी उपस्थिति देखने को मिली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिलासपुर को 327 करोड़ की सौगात देने के साथ कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि देश की जनजातीय परंपरा और संघर्ष का सम्मान है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस घोषित किया था, जिसके बाद से देशभर में यह दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में इसका आयोजन किया गया।उन्होंने बताया कि वह आज पहले जगदलपुर के कार्यक्रम में शामिल हुए और फिर बिलासपुर पहुंचे, जहां पुलिस मैदान में ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, विधायकगण, महापौर और आदिवासी समाज के वरिष्ठ जन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी समाज अपनी विरासत और वीर नायकों पर गर्व करता है।मुख्यमंत्री ने मंच से बिलासपुर को कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा की कि शहर के प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखा जाएगा और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही शहर के एक ओवरब्रिज का नाम छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखने का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ नामकरण नहीं बल्कि जनजातीय नायकों के सम्मान और पहचान को सशक्त बनाने का कदम है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर जिले को 327 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी गई है।

उन्होंने रिमोट से बटन दबाकर कई परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी शुरू हो गई है और किसानों के एक-एक दाने की खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और किसान हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव परिणामों का जिक्र किया और कहा कि जनता ने विकास और सुशासन को चुना है। उन्होंने एनडीए की जीत को जनता का मजबूत समर्थन बताया। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अब “फ्यूज बल्ब” बन चुके हैं, जो हार के बाद चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, जबकि जनता का भरोसा विकास की राजनीति पर है। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी। पुलिस मैदान से लेकर मंच तक हर स्थान पर पुलिस और विशेष टीमें तैनात रहीं। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनजातीय परंपराओं का भरपूर आनंद लिया। प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के बीच जनजाति गौरव दिवस का यह आयोजन बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक और यादगार साबित हुआ।


