
तखतपुर में सतनामी समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार कथा वाचक चैतन्य आशुतोष महाराज को शनिवार को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।पेशी के दौरान सतनामी समाज और हिन्दू संगठन आमने-सामने आ गए।पहले बहसबाजी हुई, फिर नारेबाजी और गालीगलौज शुरू हो गई।कुछ लोगों ने तो गुस्से में जिला कोर्ट का मुख्य गेट तक बंद करने का प्रयास किया,जिससे अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस बड़ी संख्या में थी, लेकिन आरोप है कि उसने शुरू में भीड़ को रोकने में सक्रियता नहीं दिखाई।अदालत में सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश ऐट्रोसिटी लवकेश बघेल की कोर्ट में हुई।पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं का उल्लेख कर रिमांड की मांग की थी।दोनों पक्षों को सुनने और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद अदालत ने चैतन्य आशुतोष महाराज को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।मामले की शुरुआत तखतपुर के एक धार्मिक कार्यक्रम से हुई थी,

जहां सतनामी समाज के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल होने पर समाज में भारी नाराजगी फैल गई थी। विरोध के दबाव के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।इस बीच, कोर्ट परिसर में हुए हंगामे पर अधिवक्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वकीलों का कहना है कि नारेबाजी और गालीगलौज करने वाले लोग न तो न्यायालय के कर्मचारी थे और न ही अधिवक्ता, फिर भी वे अचानक परिसर में घुसकर हंगामा करने लगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह न्याय के मंदिर की गरिमा पर सीधा हमला है और ऐसा पहली बार हुआ है कि कोर्ट परिसर में इस स्तर की अराजकता फैली।अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मिलकर घटना पर नाराजगी जताई और सुरक्षा की मांग की। जिला जज ने आश्वासन दिया है कि परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि कोर्ट परिसर में बवाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


