
गतौरा–लालखदान रेलखंड में मेमू और मालगाड़ी की भीषण टक्कर के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) रश्मि राज अब खतरे से बाहर हैं और अपोलो अस्पताल से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत उनका बयान दर्ज किया, जिसे सीआरएस जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।रश्मि राज कई दिनों से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। डॉक्टरों की टीम द्वारा स्थिर घोषित किए जाने के बाद ही डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी की गई। अस्पताल से बाहर आते ही रेलवे अधिकारियों ने उनसे घटना से जुड़े अहम सवाल पूछे।

माना जा रहा है कि उनका बयान पूरे हादसे की जिम्मेदारी तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।हालांकि इसी बीच रेलवे ने प्राथमिक जांच के आधार पर रश्मि राज को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने इसे नियमों के तहत की गई अंतरिम कार्रवाई बताया है, जो अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक जारी रहेगी। अपोलो से डिस्चार्ज होने के बाद रश्मि राज को रेलवे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, लेकिन परिवार इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और उनका कहना है कि इलाज वहीं जारी रहना चाहिए था।उधर, सीआरएस की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है। हादसे में कई लोगों की जान गई और बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। अब जांच यह तय करेगी कि चूक किस स्तर पर हुई—मानवीय गलती, तकनीकी समस्या या सिग्नलिंग सिस्टम की विफलता। रश्मि राज ने बयान में क्या कहा, यह अभी सामने नहीं आया है और इसे अंतिम रिपोर्ट के साथ ही उजागर किया जाएगा। इतना तय है कि उनका बयान इस मामले की सच्चाई को स्पष्ट करने में अहम साबित होगा।


