
बिलासपुर। धान खरीदी सीजन शुरू होने से ठीक पहले जिले के हजारों किसानों पर बड़ा संकट टूट पड़ा है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई किसानों के पंजीयन में रकबा 0.000 दर्ज हो गया है, जिससे इस बार समर्थन मूल्य पर धान बिक्री पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्राम पंचायतों के किसानों का कहना है कि अगर समय रहते त्रुटि दूर नहीं हुई, तो वे अपनी उपज सरकारी खरीदी केंद्रों में बेच ही नहीं पाएंगे।गंभीर तकनीकी समस्या ग्राम पंचायत केवटाडीह, भूतहा पटवारी हल्का क्रमांक 23 और गोड़ाडीह सेवा सहकारी समिति मर्यादित, पंजीयन क्रमांक 57 के किसानों के साथ सामने आई है। इन किसानों ने जब पोर्टल पर अपना पंजीयन विवरण देखा, तो रकबा शून्य दिखा, जबकि उनका कहना है कि सभी का पंजीयन समय पर एग्रीस्टेक एवं कैरी फॉरवर्ड प्रक्रिया के तहत किया जा चुका है। इससे किसानों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। किसानों की परेशानी यहीं तक सीमित नहीं है। कई किसानों की धान गिरदावरी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में फसल विवरण उपलब्ध नहीं बताया जा रहा है। सिस्टम में यह दर्शाया जा रहा है मानो किसानों ने खेतों में धान की बुआई ही नहीं की हो। यह तकनीकी त्रुटि न केवल धान विक्रय में बाधा बन रही है, बल्कि इससे किसानों को मिलने वाले अन्य सरकारी लाभ और कृषि योजनाओं पर भी सीधे असर की आशंका जताई जा रही है।अपनी समस्या को लेकर संबंधित गांवों के किसान सामूहिक रूप से बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम सामूहिक आवेदन सौंपकर पूरी स्थिति से अवगत कराया।


