
बिलासपुर प्रवास के दौरान मंत्री केदारनाथ कश्यप ने एसआईआर स्पेशल आइडेंटिटी रिकॉर्ड को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ सहित देश के 11 राज्यों में एक साथ चल रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी है और देश में पहचान से जुड़े दस्तावेजों को सुव्यवस्थित करने के लिए आवश्यक है।मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि जो लोग नाम बदलकर रह रहे हैं या जिनके पास वैध पहचान संबंधी प्रमाण नहीं हैं, उन्हें अपने मूल दस्तावेज लेकर अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और सरकारी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होंगे।कश्यप ने कांग्रेस की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, जबकि यह अभियान आम नागरिकों के हित और सुरक्षा के लिए है। उन्होंने विपक्ष पर अनावश्यक भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।एसआईआर को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताकर आपत्ति जता रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।


