
बिलासपुर नगर निगम के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय विकास भवन में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहां लगी लिफ्ट करीब एक साल से बंद पड़ी है, जिससे बुजुर्गों, विकलांगों, महिलाओं और आम नागरिकों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। सवाल यह है कि नगर निगम का अपना दफ्तर ही जब सुविधाओं से वंचित है, तो शहर की व्यवस्था कैसे सुचारू होगी।विकास भवन में रोजाना सैकड़ों लोग जरूरी काम लेकर पहुंचते हैं। लेकिन लिफ्ट खराब होने के कारण सभी को कई मंजिल की सीढ़ियां चढ़कर दफ्तर पहुंचना पड़ता है। यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोज जोखिम उठाने जैसा है।

लोगों ने बताया कि सीढ़ियां चढ़ते समय गिरने का डर बना रहता है, जबकि कई बुजुर्ग और दिव्यांग कर्मचारी इसे एक रोज की परीक्षा बता रहे हैं।सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी भवन से 70 वार्डों का संचालन होता है, शहर के बड़े फैसले लिए जाते हैं, योजनाएं लागू होती हैं।लेकिन सालों से ठप लिफ्ट को ठीक कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन स्थिति वही बनी हुई है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस खबर के सामने आने के बाद नगर निगम हरकत में आएगा? क्या लिफ्ट जल्द दुरुस्त होगी या फिर लोगों की यह परेशानी यूं ही जारी रहेगी।विकास भवन की यह स्थिति सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की असली परीक्षा है।


