
तखतपुर विधानसभा के लोखंडी क्षेत्र में अवैध रेत खनन एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। सुबह होते ही घाट पर रेत से भरे ट्रैक्टरों की लंबी कतारें दिखती हैं, जबकि इस क्षेत्र में खनन पर आधिकारिक रूप से रोक लगी हुई है। बावजूद इसके, ट्रैक्टरों को नदी में उतारकर दिन रात रेत की लूट जारी है।इस पूरे गोरखधंधे में ग्राम सरपंच बलराम पटेल की भूमिका लगातार संदेह के घेरे में है।ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच को एक स्थानीय विधायक का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते यह अवैध कारोबार बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है।इतना ही नहीं, खनिज विभाग का एक कर्मचारी जिसे स्थानीय लोग महाराज कहते हैं माफिया को खुला समर्थन देता दिखाई देता है और काली कमाई विभागीय अधिकारियों तक पहुँचाने की भूमिका निभाता है।पत्रकारों ने मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए खनिज अधिकारी राजू यादव से संपर्क भी किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। विभाग और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी–कभार की दिखावटी कार्रवाई होती है, जबकि असली रेत खनन लगातार जारी है।इधर रेत से भरे ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से लोखंडी, धुरीपारा और मंगला बस्ती की सड़कें बुरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। धूल, शोर और ट्रैफिक से स्थानीय लोग परेशान हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


