
बिलासपुर में शराब और DMF घोटाले की जांच ने सोमवार को बड़ा मोड़ ले लिया, जब EOW और ACB की संयुक्त टीमों ने शहरभर में तड़के से कई ठिकानों पर एकसाथ दबिश दी। कार्रवाई का मुख्य केंद्र पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व शराब घोटाले के आरोपित अनिल टुटेजा के रिश्तेदार अशोक टुटेजा का दयालबंद स्थित मकान रहा, जहाँ जांच दल सुबह से दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालता रहा।दयालबंद के अलावा जगमल चौक और गोलबाजार क्षेत्रों में भी टीमों ने तलाशी अभियान चलाया। कई आवासों और कारोबारी प्रतिष्ठानों से वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागज़, मोबाइल, लैपटॉप और रजिस्ट्री दस्तावेज़ की पड़ताल की गई।

छापों के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से स्थानीय इलाकों में सुबह से हलचल बनी रही।राज्यभर में जारी इस व्यापक अभियान में रायपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर और बिलासपुर शामिल हैं। शराब घोटाले की जांच डीएसपी सुरेश ध्रुव के नेतृत्व में और DMF घोटाले की जांच डीएसपी राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में की जा रही है। दोनों मामलों से जुड़े धन प्रवाह और संभावित साठगांठ की परतों को जोड़कर समझने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि जब्त दस्तावेजों की जांच रायपुर स्थित ACB कार्यालय में विशेषज्ञ टीम द्वारा की जाएगी। वहीं बिलासपुर में कई ठिकानों को सील कर दिया गया है और छानबीन देर शाम तक चलने की संभावना है।


