
छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की बढ़ती अवैध बिक्री को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशा तस्करी रोकने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं। खास तौर पर बिलासपुर सहित कई जिलों में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री युवाओं के भविष्य पर खतरा बनती जा रही है।सदन में ध्यानाकर्षण के दौरान कौशिक ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नशे का नेटवर्क फैल रहा है, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर कार्रवाई के बावजूद यह कारोबार कैसे फल-फूल रहा है।

उन्होंने सीधे तौर पर बिलासपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सख्ती प्रभावी होती तो युवाओं तक नशा इतनी आसानी से नहीं पहुंचता।कौशिक ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नशा तस्करों को संरक्षण मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत हैं।

उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर लगातार छापों और गिरफ्तारियों के दावों के बावजूद नशे की उपलब्धता कम क्यों नहीं हो रही और जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही।इस पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कार्रवाई जारी होने की बात कही, लेकिन कौशिक ने जवाब को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक नशे के खिलाफ लड़ाई कमजोर ही रहेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि युवाओं को बचाने के लिए केवल बयान नहीं बल्कि जमीनी परिणाम दिखने चाहिए।




