आंखों में होने वाले ग्लूकोमा बीमारी से बचाव और सावधानी को लेकर मंगलवार को रैली निकालकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

“खेलकूद जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेकर बगैर इन्तेजार किये तत्काल प्यास लगने पर पानी का सेवन कर लेते है उससे आंखों में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है।”

आंखों में होने वाले ग्लूकोमा बीमारी से बचाव और सावधानी को लेकर मंगलवार को चिकित्सा जगत ने विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दरअसल शहरवासियों को जागरूक करने की दिशा में सिम्स और निजी अस्पतालों के आई विभाग, एमबीबीएस डॉक्टरों और समस्त सामाजिक संगठनों की ओर से रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया।

चिकित्सको ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्लूकोमा बीमारी आंखों में होने वाला साइलेंट प्वाइजन है। जो आंखों की रोशनी को ही छीन लेता है। ग्लूकोमा 40 से अधिक वर्ष के लोगों को होती है, वही ब्लड प्रेशर और शुगर रोगियों में ग्लूकोमा बीमारी 40 से 50% ज्यादा होती है। चिकित्सकों ने बताया कि एथलेटिक्स और दौड़ भाग से जुड़े लोग अक्सर छोटी सी गलती करके ग्लूकोमा बीमारी को बढ़ावा देते हैं।

दरअसल एथलेटिक्स और दौड़ भाग से जुड़े लोग किसी भी खेलकूद जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेकर बगैर इन्तेजार किये तत्काल प्यास लगने पर पानी का सेवन कर लेते है उससे आंखों में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है और लोगों की एक छोटी सी गलती के चलते उन्हें आंख सम्बन्धी बीमारी ग्लूकोमा अपने चपेट में ले लेता है।

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