सरकंडा में फुटपाथ किनारे सब्जी भाजी बेचने वालो के लिए व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने प्रयास किया गया था, देवकीनंदन दीक्षित मुक्तिधाम के पीछे 60 चबूतरे बनाये गए थे ताकि व्यवस्थित रूप से वे यहां कारोबार कर सके। लेकिन आज तक इसका अलॉटमेंट नहीं किया जा सका। इसके चलते सारे चबूतरे टूट गए हैं, और बाजार बसने से पहले ही खंडहर में तब्दील हो गया हैं।

अब आसामाजिक तत्वों का डेरा यहां लगा रहता है। कहा जा रहा हैं कि अब यहां बिजली का सब स्टेशन बनाया जाएगा, जिसकी तैयारी भी चल रही हैं।अब प्रश्न उठता है कि लाखों खर्च कर बनाये गये चबूतरे का क्या होगा, लोगों का कहना है कि यह निगम की अदूरदर्शिता को दर्शाता है, जिसके चलते शासन का बेशकीमती पैसा बर्बाद हो रहा है।



