शनिवार की देर रात चली आंधी तूफान और फिर गरज चमक के साथ हुई बारिश की वजह से रेलवे क्षेत्र अंतर्गत दो दर्जन से अधिक छोटे बड़े पेड़ धराशायी होने के अलावा विद्युत खम्बे तक उखड़ गए।इसके चलते दिन भर रेलवे क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में यातायात बाधित रही वहीं दिन भर बिजली भी गुल रही।

बिलासपुर में शनिवार की देर रात मौसम ने अचानक से करवट बदली। देखते ही देखते तेज बारिस के साथ चले 15 मिनिट आंधी तूफान ने आधे शहर के अलावा रेलवे क्षेत्र में कोहराम मचा दिया। जिसके चलते ना केवल पूरा बिलासपुर अंधेरे में रहा बल्कि रेलवे क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक विशालकाय वृक्ष धरासाई हो गए।इतना ही नही विशालकाय वृक्षों के चपेट में आने से विद्युत खम्बे भी जमीन से उखड़कर सड़क में बेतरतीब तरीके से गिर पड़े। इसी तरह रेलवे के तितली चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग, आंध्रा स्कूल रोड, रेलवे इंस्टिट्यूट से हेमु नगर जाने वाले मार्ग पर बड़े बड़े पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए।

जिसके चलते दिनभर यातायात बाधित होती रही। इसी तरह बुधवारी बाजार के पास 100 वर्षों से अधिक पुराना विशालकाय पीपल का वृक्ष भी धराशायी हो गया। पीपल के पेड़ की चपेट में आने से यहां लगे दो विद्युत खम्बे भी सड़क पर गिर गए। इतना ही नही यहां संचालित होने वाले एक नमकीन और एक फास्ट फूड के दुकान भी विशालकाय वृक्ष के चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्राकृतिक आपदा की वजह से दुकानदारों को 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान भी हुआ है। रेलवे आइडब्ल्यू, बिजली विभाग और आरपीएफ की टीम सुबह से ही राहत और बचाव कार्य मे जुटी रही। जिसके चलते रातभर के बाद दिनभर रेलवे क्षेत्र में बिजली बंद की समस्या से लोगों को हलाकान होना पड़ा।


बहरहाल बेमौसम हुई आफत की बारिश और तेज आंधी तूफान ने ना केवल जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया बल्कि इस प्राकृतिक आपदा की वजह से कई वर्षों पुराने छोटे बड़े वृक्ष भी जमीन से उखड़कर सड़क में गिर पड़े तो वहीं वृक्ष के चपेट में आकर विद्युत पोल भी उखड़ गए।

हालांकि घटना देर रात होने के चलते किसी को जान की हानि नही हुई लेकिन दुकानों में पेड़ के गिरने से आर्थिक नुकसान का मार दुकानदारों को जरूर झेलना पड़ा। वहीं इसी के चलते रातभर बिलासपुर शहर सहित रेलवे क्षेत्र भी अंधेरे में डूबा रहा।


