
बिलासपुर। अरपा नदी के सुनसान और निर्जन तट पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता में कहा कि जब पूरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की हालत बदतर है, लोग धूल, गड्ढों और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से परेशान हैं, तब करोड़ों रुपये ऐसे क्षेत्र पर खर्च किए जा रहे हैं, जहां न आबादी है, न यातायात की कोई वास्तविक आवश्यकता। कांग्रेस का आरोप है कि यह सड़क आगे जाकर निजी भूमि पर समाप्त हो जाती है, जिससे परियोजना पर निजी हित साधने के सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री, केंद्रीय मंत्री और स्थानीय विधायक को भी कटघरे में खड़ा किया है।

पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि ये सभी जनप्रतिनिधि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और परियोजना से भलीभांति अवगत हैं, इसके बावजूद उनकी चुप्पी कई संदेह पैदा करती है। कांग्रेस का कहना है कि यदि परियोजना वास्तव में जनहितैषी है, तो फिर उसकी आवश्यकता, प्रक्रिया और लाभों को जनता के सामने पारदर्शी तरीके से रखा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पार्टी का कहना है कि जब शहर की टूटी-फूटी सड़कों को लेकर हाई कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है,

तब अरपा के सुनसान तट पर करोड़ों रुपये की सड़क निर्माण यह दर्शाता है कि पूरी परियोजना अपारदर्शी, उद्देश्यहीन और संदेहास्पद है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। नेताओं ने बताया कि शहरवासियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए आगामी शनिवार को व्यापक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस सड़कों की जर्जर हालत, कथित रूप से निजी हितों के लिए आगे बढ़ाई जा रही परियोजना और शासन-प्रशासन की चुप्पी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी ने जनता से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दिलाई जा सके।


