
बिलासपुर- अरपा भैंसाझार नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूअर्जन के दौरान राजस्व व जल संसाधन विभाग के अफसरों ने बड़ा खेला किया है। लोरमी के व्यवसायी पवन अग्रवाल के बेटों व परिजनों को लाभ पहुंचाने के लिए नहर का अलाइमेंट बदल दिया है। नक्शे में नहर कहीं और दिखाया है और मौके पर नहर कहीं और से निकली है। दस्तावेजों में नहर का अलाइमेंट बदलते हुए दो मीटर आगे सरका कर लाखों रुपये का खेल मुआवजा में किया गया है। बंजर जमीन को दोफसली और झोपड़ी को पक्का मकान बताकर मुआवजा दिया गया है। करोड़ों के इस खेला में कोटा के तत्कालीन एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर को जांच टीम ने दोषी पाया है। राज्य सरकार ने तत्कालीन एसडीएम राठौर के मामले की जांच का जिम्मा ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है। राठौर अभी रायपुर कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 (क) के तहत की जा रही है। विभागीय पत्र के मुताबिक राठौर के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद ACB ने शासन से जांच की अनुमति मांगी थी। अब ACB व EOW की टीम कोटा के तत्कालीन एसडीएम व अपर कलेक्टर राठौर के खिलाफ जांच करेगी।


