राशन दुकानों में गड़बड़ी का मामला रुक नहीं रहा है, शहरी क्षेत्रों से लगे सरकारी राशन दुकानों में पिछले दिनों बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी, इसके बाद देवरीखुर्द में रहने वाले भी अब सामने आ रहे हैं, शासकीय उचित मूल्य दुकानो में समस्याओं का अंबार है, देवरी खुर्द क्षेत्र के सभी राशन दुकानों में उपभोक्ताओं की शिकायतें हैं, कहीं दुकान समय पर नहीं खुल रहा तो कहीं अनाज नहीं मिल रहा, तमाम अभाव के चलते कार्ड धारियो में आक्रोश है। देवरी खुर्द क्षेत्र में राशन दुकान दारो की मनमानी के चलते कार्ड धारी हलाकान है। शासकीय उचित मूल्य की दुकानो की शिकायत लगातार खाद्य विभाग को मिलती रही है। जिस पर पिछले दिनों एपीएल कार्ड को बीपीएल कार्ड में बदलने पर तालापारा के जय माता दी राशन दुकान संचालक पर एफआईआर भी कर दी गई है, तो वही देवरी खुर्द के लोगों ने भी शिकायत कराई है, गौरी महिला समूह द्वारा संचालित राशन दुकान में सुबह से ही कार्ड धारीयो की लाइन लग जाती है, यहां तेज धूप में खड़ा होना उनकी मजबूरी है। इसे लेकर कार्डधारकों का कहना है की इतनी गर्मी में घंटों लाइन लगाना पड़ता है और वही सप्ताह में एक दिन दुकान बंद करने का प्रावधान है जबकि यहां दो दिनों तक दुकान बंद की जाती है, समय पर राशन नही मिलने की शिकायत भी की गई हैं। वहीं दुकान संचालक महिला ने लोगो की शिकायत को सिरे से नकार दिया है, उनका कहना है कि रोजाना दुकान खुल रही है, धूप में खड़े होकर घटो इंतजार करने वाले प्रश्न पर संचालिका का कहना है कि हमारी जिम्मेदारी नहीं है, हमारा काम केवल सामान देना है।



इन तमाम समस्याओं का कारण है कि यहां 1017 कार्ड हैं, जबकि कुछ दूर प्रज्ञाशील शासकीय राशन दुकान है, यहां महज 700 कार्ड है। इनका कहना है की असमानता के चलते यह समस्या हो रही है, इनका कहना है कि एक वार्ड के कार्ड को सभी दुकानों में बराबर बाँट दिया जाए तो कार्ड धारी को समस्या नहीं होगी और सबको समय पर राशन मिल जाएगा।



देवरी खुर्द में लगभग आधा दर्जन शासकीय उचित मूल्य की दुकानें हैं, अलग-अलग दुकानों में कार्डधारकों की संख्या अलग-अलग है, कहीं 1000 से ऊपर है तो कहीं 500 से कम है। इससे दुकानों में भीड़ बढ़ रही है लोगो का भी कहना है कि सभी जगह सामान कार्ड वितरित कर दिए जाए तो सभी को आसानी होगी वहीं कुछ दुकानों में साथ ही कुछ दुकानदार अनाज का स्टॉक अधिक दर्शाते हैं जबकि गोदाम में कम अनाज दिखाई दिया, इन तमाम अव्यवस्थाओं को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है। उनका कहना है कि खाद्य विभाग की लगातार निगरानी के अभाव के चलते राशन दुकानदारों की मनमानी बढ़ रही है इस और प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।



