समर वेकेशन खत्म होने के बाद बुधवार से स्कूल के पट खुल गए हैं। पहले दिन प्रदेश के सभी स्कूलों में धूमधाम से प्रवेश उत्सव मनाया गया। पहले 18 जून से स्कूल खुलने वाले थे, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने इसे एक हफ्ते के लिए बढ़ाकर 26 जून तक कर दिया था। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण 22 अप्रैल से ही 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां घोषित की गई थी। वहीं, 16 जून को रविवार और 17 जून को बकरीद होने के कारण स्कूल 18 जून से स्कूल खुलने थे, जो 26 जून को तिलक लगाकर विद्यार्थियों का स्वागत किया गया।



गर्मी की छुट्टियों के बाद, जिले के सभी स्कूल बुधवार से गुलजार हों गए। विद्या के मंदिर में नए नन्हें कदम पड़ें। जिंदगी की नई उड़ान के लिए बच्चे पूरी तैयारी के साथ घर से निकलें। सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कक्षा एक के नन्हे-मुन्ने बच्चों का तिलक कर मिठाई से स्वागत किया गया। उन्हें नई किताबें, यूनिफार्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री निशुल्क वितरित की गई। जिससे उनके चेहरे पर एक अलग ही चमक देखने को मिली। प्राइवेट स्कूलों ने भी सरप्राइज सेलिब्रेशन प्लान किया। आयोजन सभी स्कूलों में किए गए, स्वामी आत्मानंद लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में संयुक्त संचालक, जनप्रतिनिधि और निगम के अधिकारी मौजूद रहे, यहां बच्चों का तिलक लगाकर उपहार दिया गया और उनका स्वागत किया गया।



स्कूल के प्रथम दिवस को खास बनाने के लिए क्लासरूम्स को रंग-बिरंगे पोस्टर्स से सजाया गया। पहले दिन बच्चों के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे वे अपने साथियों से मिलकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू कर सकें। शिक्षकों की भूमिका इस समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करेंगे और उनका आत्मविश्वास बढ़ाएंगे। इसे लेकर कई पालकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी है। सभी स्कूलों में भी अपने स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया, स्कूल प्रभारी ने कहा कि निर्देश के अनुसार बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, यूनिफॉर्म और अन्य उपहार भी दिए गए, इस दौरान बच्चों का उत्साह जबरदस्त रहा। पंचवटी स्कूल के संचालक ने बताया कि पहला दिन बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला और वही गवर्नमेंट स्कूल की प्राचार्य ने कहा कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रवेश उत्सव धूमधाम से मनाया गया।



शाला प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम 18 जून को होना था, वही गर्मी को देखते हुए तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रवेश उत्सव का समय बढ़ा दिया था, 26 जून बुधवार को उत्सव का आयोजन किया गया। निजी और सरकारी सभी स्कूलों में बच्चों का तिलक लगाकर साल प्रवेश कराया गया, किसी स्कूल में बच्चों को उपहार गिफ्ट, चॉकलेट, पेंसिल, किताब, कॉपियां भी दी गई ।वही सरकारी स्कूलों में बच्चों को गणवेश दिया गया, इस दौरान अभिभावक भी बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे उनका भी स्कूल प्रबंधन द्वारा स्वागत किया गया। पहली बार स्कूल पहुंचे बच्चों को बैठाकर भोजन कराया गया। इससे उनमें काफी उत्साह और खुशी नजर आई।





