शहर के कश्यप कालोनी में महीनो से चल रहे नाला निर्माण का खामियाजा कालोनी के रहवासियों को उठाना पड़ रहा है। ठेकेदार की मनमानी और निगम अधिकारीयों के उदासीन रवैए की वजह से वार्डवासी खासे परेशान है। घरों के सामने नाला खोद दिया गया है। जगह-जगह चैंबर खुले हुए छोड़ दिए गए हैं। जिसकी वजह से कॉलोनी वासी हादसे का शिकार भी हो रहे हैं। नाला निर्माण की बेतरतीब खुदाई और लेटलतीफी से एक रहवासी नरेंद्र चेलानी के साथ हादसा हो गया। जिसमें वे खुले चैंबर में जा गिरे, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई है। व्यापारियों ने बताया कि लेट लतीफी काम की वजह से व्यापार में भी काफी गिरावट हो गई है। रास्ता बंद होने की वजह से कोई खरीदार नहीं आ रहे हैं। खरीददार काम हो गए हैं।



लगता है इस बात से निगम अधिकारियों को कोई लेना देना नही है। और ठेकेदार मनमाफिक कार्य कर रहा है। जिसके कारण महीनो से कालोनी वासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दे की सालों से बारिश के मौसम में हर साल शहर में जलभराव की समस्या रहती है। खास कर पुराना बस स्टैंड और आस पास के क्षेत्र में थोड़ी बारिश से ही यह क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। जलभराव से निजात दिलाने शहर के छोटे नालों को तोड़ कर बड़ा बनाया जा रहा है। इसके लिए पुराना बस स्टैंड से कश्यप कालोनी होते हुए नाले को तोड़ कर बडा नाला निर्माण कराया जा रहा। जिस से जलभराव से मुक्ति मिलेगी लेकिन बेतरतीब नाला निर्माण की वजह से लोग हलाकान हो रहे है। ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है।



मॉनिटरिंग के लिए निगम अधिकारी भी मौके पर नहीं जाते। घरों के सामने नाले के अलावा सड़क को भी खोद कर अब 25 फीट का नाला बनाया जा रहा है। अस्त व्यस्त तरीके से काम हों रहा है। अगर ऐसे में कोई बड़ी दुर्घटना घट गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।कॉलोनी वासियों का कहना है कि काम तो चल रहा है। लेकिन तेजी से काम नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा यहां के व्यापारी और रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन छोटे-मोटे हादसे का शिकार यहां के लोग हो रहे हैं। डर तो इस बात की है कि कभी कोई बड़ी दुर्घटना ना हो जाए।




