26 जुलाई कारगिल विजय दिवस पर विविध आयोजन किए गए। इसी अवसर पर शहीद स्मारक पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को तोपों की सलामी देने के बाद उन्ही तोपों का रुख भारत की ओर मोड़ दिया गया। कारगिल की दुर्गम घाटियों पर विपरीत मौसम में अचानक हमले कर दिए गए लेकिन भारतीय वीर शहीदों ने इस कठिन युद्ध में भी विजय प्राप्त की। इसी स्मृति में 26 जुलाई को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस बार भी कारगिल विजय दिवस रजत जयंती वर्ष पर विविध आयोजन हुए। इस मौके पर पूर्व सैनिकों के संगठन सिपाही ने सीएमडी कॉलेज के पास स्थित शहीद स्मारक पर सुबह सीआरपीएफ जवानों के साथ मिलकर गॉड ऑफ ऑनर पेश किया। इसके पश्चात यहां रक्तदान शिविर आरंभ किया गया। सुबह 9:00 से शाम करीब 6:30 तक पूर्व सैनिको और आम लोगों ने रक्तदान किया। बताया जा रहा है संग्रहित रक्त को बलिदानी और पूर्व सैनिकों के परिवार को प्रदान किया जाएगा।



रक्तदान शिविर के अलावा यह दिन भर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। कारगिल विजय दिवस पर कारगिल योद्धा, पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों एवं रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। युद्ध स्मारक अमर जवान सीएमडी चौक में दिनभर देश प्रेम से लबरेज कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई, जिसमें पूर्व सैनिकों के अलावा देशभक्त भारतीयों ने भी हिस्सा लिया।



