सरकारी स्कूलों में जुलाई माह शिक्षकों के प्रशिक्षण में बीत गया। उनके कई चरणों में बारी-बारी से ट्रेनिंग हुई, जिसके कारण शिक्षक बच्चों को अध्यापन कराने स्कूल नहीं आ सके। उसके बाद शिक्षण सप्ताह के नाम पर स्कूलों में विगत सोमवार से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां चल रही है। जिसके कारण पढ़ाई ठप्प है। शिक्षण सप्ताह रविवार तक चलेगा जिसके चलते विभिन्न गतिविधियां हो रही है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को 29 जुलाई 2020 को लागू किया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चार वर्ष पूर्ण होने पर एक सप्ताह का शिक्षण सप्ताह कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सरकारी स्कूलों को शिक्षा सप्ताह में पूरे सप्ताह होने वाले कार्यक्रमों की सूची दी गई है, जिसको दिन के हिसाब से करने को कहा गया है। इस काम के चक्कर में घंटो लग जा रहा है। जिसके कारण स्कूलों की पढ़ाई बाधित हो गई है।


शिक्षा सप्ताह का आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में छात्रों, शिक्षको नीति निर्माता और हित धारकों के बीच सहयोग और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। इसमें सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, चुनौतियों पर चर्चा करने और जमीनी स्तर पर एन आई पी 2020 में उल्लेखित दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में आगे का रास्ता तय करने के लिए एक मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते बच्चों का कोर्स पिछड़ रहा है साथ ही पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।



