कॉलेज में प्रवेश की अंतिम तिथि होने के चलते कई छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है जिससे उनकी मांग है कि प्रवेश की तिथि बढ़ाई जाए।इसे लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौप चुके हैं उनका कहना है अगर तिथि नहीं बढ़ाई गई तो अधिकांश छात्र प्रवेश से वंचित हो जाएंगे।



प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो गई है। इसलिए इस बार उच्च शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर में भी बदलाव कर दिया है। हर साल कुलपति की विशेष अनुमति से 14 अगस्त तक प्रवेश होता था, पर इसे बदलकर उच्च शिक्षा विभाग ने 31 अगस्त कर दिया है। अब ऐसे में दो मेरिट लिस्ट जारी हुई। इसके बाद ओपन प्रवेश हुआ। फिर विभाग परिवर्तन का समय छात्रों को दिया गया। इसके बावजूद कॉलेजों में सीटें खाली हैं। अब ऐसे में विभिन्न कॉलेजों के छात्र प्रतिनिधि कलेक्टोरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौप चुके हैं, सभी ने प्रवेश की तिथि बढ़ाने की मांग की हैं।

गौरतलब हैं कि तकनीकी शिक्षण संस्थान और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया होनी है। इसके लिए छात्र प्रवेश परीक्षा दिए हैं। वहां की लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अगर राज्य के सामान्य कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया बंद हो जाएगी, तो छात्रों का साल बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में प्रवेश की तिथि बढ़ाई जाने की मांग की जा रही हैं, क्योंकि कॉलेजों में सीटें भी खाली हैं।



