
बिलासपुर प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पीड़ित निवेशक मनीराम पटेल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एक कथित क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म यो-एक्सचेंज ने सैकड़ों लोगों को विदेश यात्रा, प्रतिदिन 1% लाभ और निवेश वापसी के लालच में फँसाकर ठगी की है। पटेल ने बताया कि कंपनी के प्रमोटरों ने सोशल मीडिया और ज़ूम मीटिंग्स के माध्यम से झूठे दावे कर भरोसा जीता और निवेशकों को USDT डिजिटल करेंसी के रूप में रकम लगाने को प्रेरित किया। 1500 डॉलर के निवेश पर मलेशिया यात्रा और प्रोजेक्ट की गहराई से जानकारी का वादा भी किया गया।पटेल के अनुसार पूरी योजना की शुरुआत कोलकाता के युवक तापन के माध्यम से रांची निवासी शुभम सिंह से संपर्क होने पर हुई। शुभम सिंह ने यो-एक्सचेंज को एक विश्वसनीय और डिसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म बताते हुए दावा किया कि इसका ऑडिट इंटरनेशनल ब्लॉकचेन ऑडिटर कंपनी हैकन ने किया है। इसके बाद पटेल सहित कई लोग रांची जाकर संचालकों से मिले और धीरे-धीरे कोरबा, रायपुर, बिलासपुर, भिलाई से लेकर चंडीगढ़ तक सैकड़ों लोग इस योजना से जुड़ते गए। 1 अगस्त को मलेशिया में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में करीब 1100 निवेशकों की मौजूदगी में दुबई और थाईलैंड यात्रा जैसे नए ऑफर भी पेश किए गए। लेकिन इसके कुछ ही हफ्तों बाद कंपनी ने सॉफ्टवेयर हैक होने और तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए लाभ देना बंद कर दिया। वेबसाइट बंद कर दी गई और सभी प्रमोटरों ने अपने मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर दिए। इससे स्पष्ट हो गया कि यह पूरा प्रोजेक्ट एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा था। मनीराम पटेल ने बताया कि इस मामले की शिकायत एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर तारबाहर थाना में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रांची निवासी जफर इमाम, गंगाधर कुमार, दिलेश्वर मुंडा, शादाब अंसारी, आकाश कुमार और शुभ सिंह के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है।


