पौनी-पसारी योजना के तहत यहां 88 चबूतरो का निर्माण कराया गया था।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के लिए बनाए गए डेली मार्केट का हाल बदहाल है। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों के असंगठित क्षेत्र के परंपरागत व्यवसाय करने हेतु इच्छुक व्यक्तियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं को कौशल उन्नयन सघन शहरी क्षेत्रों में व्यवसाय हेतु किफायती दैनिक शुल्क पर चबूतरा उपलब्ध कराने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया था।


यह योजना छत्तीसगढ़ की प्राचीन परंपरा के अंतर्गत पौनी-पसारी व्यवसाय को नवजीवन प्रदान करने के लिए बनाई गई थी। इसके तहत स्थानीय परंपरागत व्यवसायों जैसे- सब्जी-भाजी फूलों का व्यवसाय, पूजन सामग्री, बांस का टोकना, सूपा, दोना-पत्तल, चटाई तैयार करना व्यवसाय शामिल है। तोरवा धान मंडी रोड पौनी-पसारी योजना के तहत यहां 88 चबूतरो का निर्माण कराया गया था। सालो से बना यह चबूतरा अब खण्डहर बन चुका है। देख कर तो लगता है जैसे अब यह जगह नशेड़ी लोगों का अड्डा बन गया है। सरकार की यह योजना पूरी तरह फेल नजर आ रही है। ऐसी जगह चबूतरो का निर्माण कर दिया गया है जहां कोई सब्जी लेने नहीं आता है।





