
नगर निगम को खनिज न्यास निधि की ओर से शव वाहन तो मिल गया, लेकिन उससे जुड़ी मूलभूत व्यवस्था ही अधूरी रह गई। वाहन पर किसी भी प्रकार का संपर्क नंबर या जिम्मेदार अधिकारी का विवरण दर्ज नहीं है, जिससे आपातकाल में जरूरतमंद लोग इसकी सुविधा तक नहीं पहुंच पा रहे।खनिज न्यास का उद्देश्य समाजहित में सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरत के समय जनता को राहत मिल सके। लेकिन इस लापरवाही के चलते सेवा का मकसद अधूरा रह गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि शव वाहन की व्यवस्था सराहनीय है, मगर संपर्क सूत्र के अभाव में यह महज शोपीस बनकर रह गया है। ट्रस्ट और नगर निगम दोनों की जिम्मेदारी है कि वाहन पर स्पष्ट नंबर और हेल्पलाइन सूचना अंकित करें।सवाल यह उठता है कि जब खनिज न्यास खनन प्रभावित समुदायों के विकास और सहायता के लिए बना है, तो ऐसी लापरवाही से उसका मूल उद्देश्य कैसे पूरा होगा।जरूरत है कि प्रशासन तुरंत इसका संज्ञान लेकर संपर्क व्यवस्था दुरुस्त करे, ताकि यह सेवा वास्तव में किसी के काम आ सके।


