गार्ड लॉबी में बिलासपुर मंडल रेलवे द्वारा लोको पायलट, गार्ड रनिंग स्टाफ के साथ मीडिया कर्मियों की वार्तालाप आयोजित की गई। वार्तालाप का उद्देश्य रेलवे को बेहतर दिशा में गतिशील बनाए रखने के लिए प्रशासन का प्रयास था। बिलासपुर मंडल पुरे भारतीय रेलवे में ना केवल सर्वाधिक लदान करने वाला बल्कि सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेल मंडल है। युवाओं के बीच रेलवे में सेवा देने के लिए ना केवल अत्यधिक क्रेज है, बल्कि समाज में लोको पायलट और गार्ड की नौकरी को अत्यंत ही सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। बातचीत में लोको पायलट ने परिचालन के दौरान गर्मियों में लोको केबिन के भीतर के उच्च तापमान का मुद्दा उठाया।रायगढ़ स्थित रनिंग रूम में साफ सफाई और खाने के स्तर में सुधार की मांग की गई।अकलतरा रनिंग रूम में लगातार वाइब्रेशन, अनाउंसमेंट की समस्या के बारे में चर्चा की गई।


गार्ड, ड्राइवर के टूलबॉक्स को हटाये जाने का मुद्दा भी उठाया गया। महिला लोको पायलटों द्वारा इंजन में प्रसाधन की सुविधा का मामला उठाया गया उन्होंने कहा कि उन्हें पीरियड के दौरान भारी समस्या होती है।इसके साथ ही रेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा को ताक में रखकर गार्ड लोको पायलटों को पेटी, टूलकिट बन्द कर डेटोनेटर देने और 10 साल से असिस्टेंट लोको पायलटों का प्रमोशन रोककर रखने का मुद्दा गरमाया रहा। यहां जब भी कोई कर्मचारी अपने हक की बात करने मीडिया से सवाल जवाब करता तब तब एसईसीआर के सीपीआरओ विकास कश्यप कर्मचारियों को घूरते और धमकाते नजर आए। इतना ही नही यहां बैठे डीपीओ भी कर्मचारियों की बात काटते हुए रेलवे की वाहवाही करते रहे। हालांकि बाद में रेलवे के अफसरों ने तमाम समस्याओं को जल्द से जल्द दूर कर सुविधाएं उपलब्ध कराने आश्वासन दिया।




