डाक विभाग की लापरवाही के चलते व्यापारी कोरियर सर्विस की सेवा लेने मजबूर हैं, उपडाकघर के अधिकारी द्वारा रक्षाबंधन के समय डाक लेने से इनकार किया जा रहा है, 12:00 बजे के बाद किसी प्रकार का डाक नहीं लेने कहा जा रहा है और ग्राहकों को मुख्य डाकघर जाने की बात कह कर भगाया जा रहा हैं। जिससे व्यापारियों में आक्रोश है इसकी शिकायत मुख्य डाक अधीक्षक से भी की गई है।

रक्षाबंधन का समय है बहने अपने भाइयों को डाक द्वारा राखी भेजने डाक विभाग का चक्कर लगा रही हैं, वही डाक अधिकारी द्वारा उन्हें लौटाया जा रहा है। मामला गोड़पारा उप डाकघर का है, गोल बाजार के व्यापारी शनिवार को 10 स्पीड पोस्ट भेजने उप डाकघर पहुंचे, लेकिन यहां की उप डाकपाल ने साफ इनकार कर दिया, उन्हें कहा कि 12:00 के बाद किसी प्रकार का भी पोस्ट नहीं लिया जाएगा, काम टालते हुए नेहरू नेहरू चौक के मुख्य डाकघर में जाने मजबूर किया जा रहा हैं। मुख्य डाकघर में भी लंबी लाइन के चलते घंटो इंतजार करना पड़ रहा हैं। डाक अधिकारियों के इस हरकत से व्यापारियों में आक्रोश है उनका कहना है प्राइवेट कोरियर कंपनी की ओर जानबुझ कर भेजने प्रयास किया जा रहा है, जबकि व्यापारी चाहता है कि डाकघर के जरिए राजस्व सरकार के खाते में जाए वही डाक विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें वहां से भगाया जा रहा है, इससे उनमें नाराजगी है।

वैसे भी डिजिटलकरण होने से डाक सेवाओं में बहुत फर्क पड़ा है। अब चिट्ठी पत्री के दिन लद गए हैं, उसके बावजूद भी डाक कर्मचारी काम नहीं करना चाहते और डाक जमा करने आने वाले लोगों को समय का हवाला देते हुए लौटाया जा रहा है। जब उनसे जानना चाहा कि व्यापारियों को क्यों लौटाया जा रहा है तो उन्होंने अकेले होने की बात कहते हुए माइक में बोलने से मना कर दिया। जब इस संबंध में नेहरू चौक के मुख्य डाक अधीक्षक से मिलने पहुंचे तो वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे टेलीफोन पर उन्होंने भी टाइम का शेड्यूल होने का हवाला दिया है।

स्पीड पोस्ट आवश्यक सेवाओं में गिना जाता है इसे इसे जितनी जल्दी हो सके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने निर्देश दिए गए हैं, वही ग्राहकों से अच्छा बर्ताव करते हुए उन्हें डाक सेवा देने निर्देश हैं, उसके बावजूद भी उप डाकघर द्वारा ग्राहकों से इस प्रकार का बर्ताव किया जा रहा है जिससे व्यापारियों में डाक विभाग की कार्य प्रणालियों को लेकर आक्रोश है उनका कहना है की मुख्य डाकघर में भी ग्राहकों से कोई सीधे बात नहीं करता और ना ही वहां कोई जानकारी ही दी जाती है। घंटो इंतजार करने के बाद नंबर आता है, इसलिए हम उप डाकघर में जाते हैं लेकिन यहां भी समय का हवाला देते हुए भगा दिया जाता है ग्राहकों का कहना है डाक अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल ग्राहक सेवा को दुरुस्त करने प्रयास करना चाहिए।


