चुनाव खत्म होने के साथ एकबार फिर ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला शुरू हो गया है। डेवलपमेंट वर्क के नाम पर लगातार ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। स्थिति ये है कि, हाल ही में SECR में 50 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। छुट्टियों के सीजन में ट्रेनों के रद्द होने से यात्री सुविधा का सिस्टम बेपटरी हो गया है, आम रेल यात्री खासे परेशान हो रहे हैं। दरअसल, SECR के रेल यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव से पहले और चुनाव में रेलवे का मुद्दा जोर शोर से गूंजा। तब माना जा रहा था इसमें कोई सुधार आएगा और रेल यात्रियों को बेहतर यात्री सुविधा मिलेगी. लेकिन चुनाव खत्म होने के साथ इसके उलट एकबार फिर से ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला शुरू हो गया है। डेवलपमेंट वर्क के नाम पर लगातार ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। स्थिति ये है कि, बीते 15 दिनों में ही 50 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। अलग- अलग सेक्शन में लाइन विस्तार और अन्य डेवलपमेंट वर्क का हवाला देते हुए ट्रेनों को रद्द किया गया है। इधर छुट्टियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में इस बीच थोक में ट्रेनों के रद्द होने से यात्री सुविधा का सिस्टम बेपटरी हो गया है, आम रेल यात्री खासे परेशान हो रहे हैं।





