अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ी फिल्म को ग्रामीण परिवेश वाली फिल्म के रूप में देखी जाती है। वहीं पिछड़े राज्य की नजर से भी लोग देखते हैं। उनकी सोच को बदलने के लिए संघर्ष के लिए एक जंग फिल्म निर्माण की शुरुआत की गई हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के आधुनिक पारिवारिक परिवेश को दिखाया गया है, यही उनका मकसद है। उक्त बातें फिल्म के निर्माता निर्देशित सम्राट तिवारी ने प्रेस वार्ता में कही है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी संघर्ष एक जंग मूवी सिनेमाघर में आने से पहले ही चर्चा का विषय बनी हुई है, फिल्म के निर्माता अभिनेता अभिनेत्री और विलेन सभी पत्रकारों से रूबरू हुए और फिल्म के विषय पर चर्चा की, बुधवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निर्माता निर्देशक सम्राट तिवारी ने कहा कि यह एक पारिवारिक फिल्म है, जिसमें एक परिवार के जीवन की शुरुआत की गई है। वर्तमान फिल्म में जो एडवेंचर जैसी कथा में नजर आती है, आदर्श इस फिल्म में कहीं नजर नहीं आती। प्रदेश के 23 सुपरस्टार की यह फिल्म 30 अगस्त को रिलीज होगी। तिवारी ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद विकास हुआ, विचार में भी बदलाव आया। इस फिल्म में एक सोच को दिखाया गया है। छत्तीसगढ़ का फिल्म उद्योग प्रारंभिक कालखंड में है। फिल्म अच्छी चली तो लागत भी निकल जाती है।


इस दौरान फिल्म के नायक और कुसमुंडा निवासी हर्ष चंद्रा, फिल्म की अभिनेत्री नियोजी पाणिग्रही और फिल्म के विलेन अजय पटेल ने भी फिल्म के संबंध में अपनी-अपनी बातें रखीं। फिल्म के निर्देशक रत्न कुमार, सह-निर्माता बाबा देवांगन और अन्य कलाकारों ने भी फिल्म के संबंध में जानकारी दी। 30 अगस्त को सभी मॉल,सिनेमाघरो में फिल्म का प्रीमियम शो किया जाएगा। फिल्म के नायक हर्ष चंद्रा का कहना है कि संघर्ष एक जंग एक ऐसी फिल्म है जो आज के दौर में चलने वाली रोमांटिक फिल्मों से अलग है। यह फिल्म पूरे परिवार को संगठित करने का संदेश देती है। फिल्म में विलेन की भूमिका कर रहे अजय पटेल फिल्म अभिनेता प्राण से प्रभावित है। उनका कहना है कि वे छत्तीसगढ़ी फिल्मों में हीरो बनने की इच्छा से आए थे, 2011 में उन्होंने पहली फिल्म की थी और अभी तक वे विलेन की भूमिका करते आ रहे हैं। फिल्म के सभी कलाकारों से ज़ी न्यूज ने विशेष बातचीत की है।



