भूमिगत जल को लेकर अब नगर निगम और जल संसाधन विभाग आमने-सामने है, पिछले लगभग 24 सालो से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने जल संसाधन विभाग को भूमिगत जल के लिए जो राशि अदा करनी होती है, वह अब तक अदा नहीं किया है। जिसके बाद अब जल संसाधन विभाग ने नगर निगम को नोटिस जारी कर यह राशि जमा करने कहा है। करोड़ रुपए की राशि नगर निगम को जमा करनी है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों का इस दिशा में अपना ही तर्क है।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक जल संसाधन विभाग से किसी भी तरह की कोई राशि भूमिगत जल को लेकर नहीं आती थी यह पहली बार राशि के लिए उन्होंने पत्र भेजा है, जिस पर विचार किया जा रहा है क्योंकि नगर निगम को खुटाघाट से जो पानी प्राप्त होगा उसके लिए राशि अदा जल संसाधन विभाग को करनी है लेकिन अब भूमिगत जल के लिए भी अगर जल संसाधन विभाग राशि मांग रहा है तो इसके लिए अध्ययन किया जाएगा और शासन को इसकी जानकारी दी जाएगी।

इसके बाद आगे जो भी निर्णय होगा उस पर नगर निगम के द्वारा कार्य किया जाएगा। लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी जल संसाधन विभाग ने अब यह नोटिस नगर निगम को दिया है जबकि इसके पहले कोई सुध क्यों नहीं ली गई लेकिन वजह जो भी हो अब नगर निगम को इस दिशा में पहल करनी होगी वरना आने वाले समय में पानी को लेकर भी दो विभागों के बीच विवाद गहरा सकता है।


